Thursday, February 19, 2026
Homeउत्तराखंडधामी सरकार का जनसरोकार मॉडल बना मिसाल

धामी सरकार का जनसरोकार मॉडल बना मिसाल

661 कैंप, 5.20 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी

50 हजार से अधिक शिकायतें प्राप्त, 33 हजार से ज्यादा का समाधान

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन और जनसेवा का सशक्त मॉडल बनकर उभरा है। यह अभियान सरकार को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है।

18 फरवरी 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के सभी 13 जनपदों—अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं उत्तरकाशी—में कुल 661 कैंपों का आयोजन किया जा चुका है। इन कैंपों में अब तक 5,20,049 नागरिकों ने प्रतिभाग कर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ लिया।

केवल एक दिन में ही 13 नए कैंपों का आयोजन हुआ, जिनमें 7,282 लोगों ने भागीदारी की। यह दर्शाता है कि प्रदेश में इस कार्यक्रम के प्रति जनता का उत्साह और विश्वास लगातार बढ़ रहा है।

शिकायत निवारण में बड़ी उपलब्धि

इन कैंपों में अब तक कुल 50,066 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 33,240 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि धामी सरकार केवल सुनवाई ही नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान के लिए भी प्रतिबद्ध है।

प्रमाण पत्र एवं योजनाओं का लाभ

कैंपों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए 71,448 आवेदन प्राप्त हुए हैं। साथ ही अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 2,89,376 नागरिकों को सीधे लाभान्वित किया गया है।

यह अभियान शासन-प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक ठोस कदम सिद्ध हो रहा है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार का उद्देश्य जनता को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना है। शासन स्वयं जनता के द्वार पहुंचे, उनकी समस्याएं सुने और मौके पर समाधान करे—इसी सोच के साथ यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे।

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”

अभियान आज उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशील प्रशासन का प्रतीक बन चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास और जनसेवा के नए मानक स्थापित कर रही है।

RELATED ARTICLES

Most Popular