टोली बैठक में फूंका चुनावी मंत्र,पूर्व सीएम हरीश निशाने पर
शाह ने सिर्फ धामी-त्रिवेंद्र को किया याद,अन्य को भूले
हरिद्वार: गृह मंत्री अमित शाह ने गंगा किनारे जय जय श्री राम के नारों के बीच विधानसभा चुनाव की चौसर बिछाते हुए भाजपा को तीसरी बार जिताने का आग्रह किया। धामी-त्रिवेंद्र के नौ साल के कार्यों का खूब बखान किया। लेकिन बाकी पूर्व सीएम को नजरअंदाज कर गए।
बैरागी कैम्प में हुई रैली में शाह ने एक ओर हरीश रावत स्टिंग प्रकरण, छात्रवृत्ति घोटाला,शराब नीति व कुमाऊं खाद्यान्न घोटाला का जिक्र कर कांग्रेस पर प्रहार किए। वहीं दूसरी ओर, धामी सरकार के चार साल के कार्यकाल में दस हजार अवैध अतिक्रमण, यूसीसी,नकल कानून समेत कई उपलब्धियां गिनाते हुए तीसरी बार भाजपा सरकार बनाने की अपील की।
गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के राज में नौकरी के नाम और खर्ची और पर्ची चलती थी। लेकिन धामी सरकार में बिना खर्ची व पर्ची के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी दी गयी।
शाह ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सरकार के कार्यकाल के कार्यों को भी गिनाकर तीसरी बार भाजपा को साथ देने की बात कही।
शाह ने अपने 25 मिनट के भाषण में अटल व मोदी के उत्तराखण्ड राज्य बनाने व संवारने पर मुख्य फोकस रहा। साथ ही यह भी दावा किया कि भाजपा के कार्यकाल में कोई भ्र्ष्टाचार नहीं हुआ। शाह ने नौ साल की उपलब्धियां गिनाते हुए हरीश रावत को निशाने पर लेते हुए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के घपलों की भी याद दिलाई। धामी सरकार के दस हजार अवैध अतिक्रमण हटाने और डेमोग्राफिक चेंज का मुद्दा उठाकर ध्रुवीकरण की भी कोशिश की।
गृह मंत्री ने केंद्र की भाजपा व कांग्रेस सरकार की ओर उत्तराखण्ड को मिली आर्थिक सहायता का तुलनात्मक ब्यौरा पेश कर जनता से समर्थन की अपील की।
शाह ने पूर्व में शुरू हुई ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना,बद्री केदार पुनर्निर्माण ,आल वेदर रोड समेत अन्य कार्य गिनाकर जनता को भाजपा की प्रतिबद्धता की याद दिलाई।
अपने हरिद्वार दौरे में शाह ने सिर्फ धामी और त्रिवेंद्र के नौ साल के कार्यकाल के बखूबी उल्लेख किया। लेकिन भाजपा के अन्य सीएम रहे स्वामी,कोश्यारी,खण्डूड़ी,निशंक,विजय बहुगुणा व तीरथ सिंह रावत का नाम ही नहीं लिया।
शाह ने बीते नौ साल से जारी भाजपा की सरकार का बखान कर जनता व कार्यकर्ताओं को जीत की हैट्रिक के लिए प्रेरित किया। धामी के चार साल को पूरे नंबर देने के साथ यह भी कह गए कि सरकार चुन चुन कर समस्या हल कर रही है।
हरिद्वार संसदीय क्षेत्र में हुई चुनावी रैली में डेढ़ लाख भीड़ जुटने के दावों में कोई दम तो नजर नहीं आया। अपेक्षित भीड़ का न जुटना भाजपा संगठन के लिए आत्ममंथन का बड़ा मुद्दा बन गया है।
कार्यकर्ताओं की संतुष्टि, बूथ स्तर तक संगठन विस्तार और बीएलए-2 गठन पर जोर
चुनावी रैली के बाद स्थानीय होटल में आयोजित टोली बैठक में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं की संतुष्टि और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा हुई। हरिद्वार में आयोजित बैठक में चुनावी वर्ष को देखते हुए अमित शाह ने प्रदेश नेतृत्व को संगठनात्मक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं की संतुष्टि और संगठन विस्तार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता की समस्याओं को चिन्हित कर उनका समाधान किया जाए। बैठक में तय किया गया कि संगठन विस्तार के तहत बूथ और मंडल स्तर पर प्रकोष्ठों व विभागों की इकाइयों का शीघ्र गठन किया जाएगा। ताकि पार्टी की सक्रियता और प्रभावशीलता को और मजबूत बनाया जा सके।
इसके अलावा शीघ्र शुरू होने वाली एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई। इसके तहत बीएलए-2 बनाने का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर मतदाता संरचना के अनुसार चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। पार्टी धीरे-धीरे अपनी चुनावी गतिविधियों को बढ़ाते हुए बूथ स्तर पर जीत का लक्ष्य हासिल करने की रणनीति पर काम करेगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी सांसद और विधायक 2027 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं और जनता के बीच जाएं, जनसामान्य के मुद्दों और व्यक्तिगत समस्याओं को सुनें तथा उनके समाधान का प्रयास करें।

बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, केंद्रीय मंत्री एवं अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, विजय बहुगुणा, सांसद एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी, सांसद एवं राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष नरेश बंसल, सांसद अजय भट्ट और महारानी माला राज्यलक्ष्मी सहित प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत और तरुण बंसल मौजूद रहे। इसके साथ ही भाजपा के सातों मोर्चों के अध्यक्ष भी बैठक में शामिल रहे।
