देहरादून: उत्तराखंड शासन में लंबे समय से प्रतीक्षित बड़े प्रशासनिक बदलाव आखिरकार सामने आ गए हैं. राज्य सरकार ने एक साथ 18 आईएएस अधिकारियों और 11 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर उनकी जिम्मेदारियों में व्यापक बदलाव किया है. इस फेरबदल को शासन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और विभागों में बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
तबादला सूची के मुताबिक प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम से आवास विभाग की जिम्मेदारी वापस ले ली गई है. वहीं सचिव शैलेश बगौली से पेयजल विभाग हटाया गया है. सरकार ने सचिन कुर्वे को स्वास्थ्य विभाग की नई जिम्मेदारी सौंपी है. इसके अलावा दिलीप जावलकर से निदेशक ऑडिट का प्रभार वापस ले लिया गया है. सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम से सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी हटाई गई है.
आईएएस अधिकारी आर राजेश कुमार से स्वास्थ्य विभाग हटाकर उन्हें आवास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. दीपेंद्र चौधरी से सचिवालय प्रशासन के साथ-साथ आयुष विभाग भी वापस ले लिया गया है. आईएएस विनोद कुमार सुमन से सचिव सामान्य प्रशासन और परियोजना निदेशक यूडीआरपी का दायित्व हटाया गया है. रणवीर सिंह चौहान से आयुक्त खाद्य और राज्य संपत्ति की जिम्मेदारी वापस लेते हुए उन्हें सचिवालय प्रशासन सौंपा गया है.
पीसीएस अधिकारियों के तबादलों की बात करें तो अरविंद पांडे को नैनीताल जिले का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है. दिनेश प्रताप सिंह से अधिशासी निदेशक चीनी की जिम्मेदारी वापस ली गई है. अनिल कुमार को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार नियुक्त किया गया है. दयानंद सरस्वती से डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार की जिम्मेदारी वापस ली गई है. पीसीएस अधिकारी नूपुर को अधिशासी निदेशक चीनी मिल की जिम्मेदारी दी गई है.
इसके अलावा प्रत्यूष सिंह को संयुक्त सचिव एमडीडीए का प्रभार सौंपा गया है. आकाश जोशी को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के साथ-साथ उप मेला अधिकारी कुंभ बनाया गया है. राहुल शाह को डिप्टी कलेक्टर उधम सिंह नगर, संदीप कुमार को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी और मनजीत सिंह को उप मेला अधिकारी कुंभ की जिम्मेदारी दी गई है.वहीं, ललित मोहन तिवारी को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ बनाया गया है.

सरकार के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को आने वाले समय में प्रदेश की विकास योजनाओं, विभागीय कार्यों और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है. अधिकारियों की नई तैनाती से उम्मीद की जा रही है कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी. माना जा रहा है कि जल्दी शासन स्तर पर एक और सूची भी जारी हो सकती है. जिसमें कुछ और अधिकारियों को भी शासन से लेकर फील्ड स्तर पर नई जिम्मेदारी दी जा सकती है.
