गुरुवार को भारत सरकार के विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 217 की धारा (1) के तहत प्रदान की गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है।न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का जन्म 9 अक्टूबर 1964 को हुआ था ।
उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के दौरान कानून के विषय को चुना और लखनऊ विश्वविद्यालय से 1987 में एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। अपनी पढ़ाई पूरी करने के छह दिसंबर 1987 को उन्होंने एक अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया और कानूनी अभ्यास की शुरुआत की । वकालत के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, संवैधानिक और किराया नियंत्रण से जुड़े जटिल कानूनी मामलों पर ध्यान केंद्रित किया और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई।
12 अप्रैल 2013 को इलाहाबाद हाई कोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश बने जबकि 10 अप्रैल 2015 को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त हुए। 22 नवंबर 2023 से चार फरवरी 2024 तक इलाहाबाद कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाली।
न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता का कार्यकाल उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से शुरू होगा। उनकी यह नियुक्ति उत्तराखंड हाई कोर्ट के वर्तमान मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति जी नरेंद्र की सेवानिवृत्ति के परिणामस्वरूप हुई है। न्यायमूर्ति जी नरेंद्र शुक्रवार नौ जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
