Wednesday, February 18, 2026
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आभा आईडी से दून अस्पताल की ओपीडी में भीड़ नियंत्रण

जनवरी में शुरू डिजिटल व्यवस्था, दून अस्पताल की ओपीडी में दिखा सकारात्मक बदलाव

आभा आईडी से आसान हुई प्रक्रिया, 60-70 प्रतिशत मरीजों ने अपनाया डिजिटल विकल्प

घर बैठे पर्चा, बिना लाइन उपचार; डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को बड़ी राहत

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत जिला प्रशासन द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लागू की गई आभा आईडी प्रणाली मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। जनवरी माह से शुरू इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से मरीज घर बैठे आभा आईडी ऐप से ऑनलाइन पंजीकरण (पर्चा) बना सकते हैं।

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओपीडी मरीजों की आवक को देखते हुए यह प्रणाली लंबी कतारों से राहत दिलाने में प्रभावी साबित हो रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि पंजीकरण प्रक्रिया भी अधिक सरल और सुव्यवस्थित हुई है। विगत एक माह में अस्पताल में कुल पंजीकरण का लगभग 60 से 70 प्रतिशत आभा आईडी के माध्यम से किया जा रहा है।

दूर-दराज क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों, विशेषकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह व्यवस्था काफी सुविधाजनक सिद्ध हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से पंजीकरण कराने वाले मरीज सीधे संबंधित ओपीडी तक पहुंच रहे हैं, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा और असुविधा से राहत मिल रही है। हालांकि, अस्पताल में ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी पूर्व की तरह जारी है, जिससे सभी मरीजों को उपचार सुविधा उपलब्ध हो रही है।

जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित इस डिजिटल पहल से न केवल पंजीकरण प्रक्रिया आसान हुई है, बल्कि मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में सुरक्षित हो रहा है। इससे मरीजों को हर बार अपनी जानकारी दोबारा दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती और जांच रिपोर्ट तथा दवाइयों का विवरण भी ऐप पर उपलब्ध रहता है।

ओपीडी में उपचार कराने आई मरीज संगीता बडोला ने बताया कि ऑनलाइन पर्चा बनाने की सुविधा से उनका समय बच रहा है और उन्हें निर्धारित समय पर उपचार मिल रहा है। उन्होंने सरकार और अस्पताल प्रशासन का आभार जताया।

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आभा आईडी के माध्यम से मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री डिजिटल रूप में सुरक्षित की जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में ओपीडी मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ऑनलाइन पंजीकरण से व्यवस्था अधिक सुगम हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन 60 से 70 प्रतिशत पंजीकरण आभा आईडी के माध्यम से हो रहे हैं, जिससे मरीजों को त्वरित और बेहतर उपचार सुविधा मिल रही है।

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