विधानसभा अध्यक्ष ऋतू भूषण खंडूरी के पिता थे पूर्व मुख्यमंत्री
विधानसभा अध्यक्ष ऋतू भूषण खंडूरी के कार्यलय से जारी हुआ शोक सन्देश
तीन दशक के राजनीतिक जीवन में बहुत सम्मान कमा गए जनरल खण्डूड़ी
जनरल खण्डूड़ी पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली के प्रतीक-धा
देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खण्डूड़ी का मंगलवार को देहरादून में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनका मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। प्रदेश की स्पीकर ऋतु खण्डूड़ी ने उनके निधन की सूचना देते हुए कहा- बहुत दुख के साथ सूचित कर रही हूँ कि अभी अभी हमारे आदरणीय जनरल साहब नहीं रहे। पूर्व सीएम के निधन पर प्रदेश के राज्यपाल,सीएम व विभिन्न दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
सीएम धामी ने उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) जी के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।

खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। सैन्य जीवन से लेकर सार्वजनिक जीवन तक उनका व्यक्तित्व राष्ट्रहित और जनसेवा के प्रति समर्पित रहा।
राजनीतिक जीवन में उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई। एक जननेता के रूप में उन्होंने प्रदेश के विकास हेतु अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए और अपनी सादगी, स्पष्टवादिता एवं कार्यकुशलता से लोगों के हृदय में विशेष स्थान बनाया। उनका निधन उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
जनरल खंडूड़ी का राजनीतिक सफर
गौरतलब है कि जनरल खण्डूड़ी ने रिटायरमेंट के बाद 1991 में भाजपा के टिकट पर पौड़ी लोकसभा का चुनाव जीता था। खण्डूड़ी ने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया था। 2007 में भाजपा की सरकार आने पर खण्डूड़ी को उत्तराखण्ड का सीएम बनाया गया। लेकिन जून 2009 में उन्हें सीएम के पद से हटा कर निशंक को सत्ता सौंपी। लेकिन अक्टूबर 2009 में खण्डूड़ी को 2011 अक्टूबर में फिर से सीएम बनाया गया।
2012 में सीएम खण्डूड़ी कोटद्वार विधानसभा से चुनाव हार गए। उनकी हार के बाद भाजपा प्रदेश में दुबारा सरकार बनाने से चूक गयी।
2014 में खंडूड़ी ने पौड़ी लोकसभा से चुनाव जीता। 2019 में भाजपा ने जनरल बीसी खण्डूड़ी के बजाय तीरथ सिंह रावत को पौड़ी लोकसभा से टिकट दिया। टिकट नहीं मिलने के बाद जनरल खण्डूड़ी को राज्यपाल बनाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इसके बाद खण्डूड़ी ने स्वंय को सक्रिय राजनीति से दूर कर लिया। पूर्व सीएम खण्डूड़ी को प्रदेश में सशक्त भू कानून व लोकायुक्त के गठन के अलावा राजनीति में स्वच्छ छवि व सुशासन के लिए याद किया जाएगा।
1991 से शुरू हुआ राजनीतिक सफर 2019 में आकर थम गया। लेकिन 30 साल के बेदाग राजनीतिक जीवन में खण्डूड़ी को हमेशा बेहद आदरभाव से याद किया जाता रहेगा…

